Sunday, 30 October 2011

गाँधी तेरे देश में


उससे अच्छा अंग्रेज़ है  

भारत माँ को माता कहने से जिसको परहेज़ है
कितना भी हो घोर दुष्ट उससे अच्छा अंग्रेज़ है  ॥


अकलमन्द कुछ ऐसे वोटों के सौदागर आते हैं
ऐसे लोगों का भारत पर पहला हक बतलाते हैं
अखबारों में छपी हुई यह खबर सनसनीखेज़ है
कितना भी हो घोर दुष्ट उससे अच्छा अंग्रेज़ है  ॥


लूट रहा है देश की दौलत भेज रहा परदेश में
डाकू चोर लुटेरा दिखता नेताजी के वेश में
उसका ही दादा नाना तैमूरलंग चंगेज़ है
कितना भी हो घोर दुष्ट उससे अच्छा अंग्रेज़ है  ॥


राष्टीय मूल्यों से अनबन देशद्रोहियों से नाता
ओसामा लादेन को ओसामाजी कहना है भाता
संतों को भी ठग कहने से उसको नहीं गुरेज़ है
कितना भी हो घोर दुष्ट उससे अच्छा अंग्रेज़ है  ॥


ऐसे ही कृतघ्न लोगों के कारण देश गुलाम हुआ
देशवासियों का विधर्मियों द्वारा कत्लेआम हुआ
देखो देखो रामदीन बन बैठा अल्लाभेज है
कितना भी हो घोर दुष्ट उससे अच्छा अंग्रेज़ है  ॥