हीडी पकडिया फ़ैज़ाबाद (सम्प्रति अम्बेदकर नगर) जनपद का सबसे बड़े गाँवों में से एक है । इसमें कई पुरवे (छोटे पुर) जैसे एकइयाँ, डेढइयाँ, पकडिया, ऊसरपुर, पटीवाँ आदि हैं । इसके आदि पूर्वज बाबा हिम्मतशाह थे । इसमें क्षत्रिय राजपूतों का बाहुल्य है; जिनकी उप जाति ’राजकुमार’ है, जो चौहान वंश से सम्बन्धित हैं । इनका मूल स्थान बूधापुर (जिला सुल्तानपुर) है ।
प्रसिद्ध ग्राम प्रधानों में स्व. कमला प्रसाद सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जाता है, जिन्होंने संसाधनों की कमी के बावजूद अनेक कार्य तत्समय में सम्पन्न कराये जिनमें से मुख्य नाले पर पुल का निर्माण, पंचायत घर, प्राइमरी स्कूल भवन, कन्या प्राइमरी भवन, मुर्गी घर, साँड घर, तथा प्राइवेट मिडिल कक्षा तक विद्यालय आदि थे ।
सांस्कृतिक क्रिया कलापों में भी उनकी गहरी रुचि थी । उन्होंने अपने कुछ मुख्य सहयोगियों सर्व श्री राजमणि सिंह, कमला कान्त सिंह, श्रीपति सिंह आदि के साथ मिलकर एक नौटंकी कला कम्पनी की भी स्थापना की थी जिसके मास्टर मुहम्मद अली थे ।
सम्प्रति गाँव के प्रधान देवी प्रसाद हैं । श्री शेषमणि सिंह महरुआ गोला के प्रधानाचार्य हैं । अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों में भीम सिंह, दल बहादुर सिंह(सिकन्दर), शिव पूजन सिंह, राम पूजन सिंह, कृष्ण पूजन सिंह, इन्द्र सेन सिंह, का नाम प्रमुखता से लिया जाता है । राष्ट्रीय धारा के कवि श्री दिनेश कुमार सिंह ’घायल’ इसी गाँव के हैं ।
भौगोलिक स्थिति : अम्बेदकरनगर जिला मुख्यालय (अकबरपुर) से सुल्तानपुर को जाने वाले राजमार्ग से लगभग १५ किमी. पर यह गाँव स्थित है ।
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